अब ना किसी का विरोध चाहिए,, ना ही मार्ग में अवरोध चाहिए,, चाह हमें थी शहर में एक घर बनाने की,, क्या…
View»मैं कभी बच्चे- सा नादान,,, कभी युवा इक परेशान,,, कभी बुजुर्गों सा,,, चिंतित,,, हर किरदार में नज़र …
View»जिस रोजी की आस में हम,, निकल पड़े थे घर से इक दिन,,, छोड़ा गांव,घर छोड़ा,,, छोड़े वो सब ताल तलैया,,…
View»" मधुशाला (लॉकडाउन 3.0 )" बस स़ाकी तुम्हारे इश्क में,,, मैं भूल गया हूं ग़म सार…
View»वो माँ ही है जो दुःख को अपने हौसलौं से समेट लेती है,,, वो मां ही है जो कभी ख़फा नहीं हो…
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