सफर की शाम हो गई
"सफर की शाम हो गई""
चलो अब घर चले जायें
मिलेंगे फिर यहीं कल को,,,
नज़ारे फिर यही आये,,,
है ये वादा मेरा तुमसे,,,
ढलेगी शाम जब तक जिन्दगी की,,,
किरण में फिर से मिल जाए,,,
हकीकत जान लो तुम भी,,,
दिल में प्रेम है कितना,,,
रहेगी शाम जब तक ये,,,
नज़ारे रोज़ ये आयें,,,🍂🍂-ललिता✍️🙏
7 टिप्पणियाँ
बेहतरीन
जवाब देंहटाएंShukriyaaa 🤗🤗
हटाएंAwesome lines
जवाब देंहटाएंThankyou...for your appreciation 🙏🤗
हटाएंNice
जवाब देंहटाएंThanks for your appreciation 🙏🤗
हटाएंShukriyaaa dear 🙏🤗
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