Chup rehna; चुप रहना


    "चुप रहना "



  कुछ ना कहना,,,
 कह कर तुम पछताओगे,,,
चींटी होकर जो हाथी से टकराओगे,,,
मुंह जो खोला तुमने,,,
चाहें हो वो भूख-प्यास,,,
या हो तुम्हारा तीखा कटाक्ष,,,
बस याद रखो पैरों तले,,,
कुचले तुम ही जाओगे,,,
मानो ये बात मेरी,,,
बच्चे-माता व भाई-बंधु,,,
सब हो सहोदर,,,
सब सभी के सहचर,,,
आपस में ही टकराओगे,,
तो हर क्षण मारे जाओगे,,, - ललिता ✍️